अपने ध्येय वाक्य ‘परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम’ को चरितार्थ करते बस्तर-पुलिस के जवान बन रहे मिसाल

बस्तर/सुकमा। बस्तर-रेंज के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा की पुलिस टीम अक्सर अनोखी पहल करती नजर आयी है। परिणाम की चिंता बिना किये ही आमजन के सहयोग व क्षेत्रीय शांति स्थापना हेतू सदैव तत्पर रही है। पुलिस के ध्येय वाक्य परित्राणाय साधुनाम का अर्थ पुलिस की नौकरी में जनसेवा और देशभक्ति दोनों का समावेश का होना जरूरी है।

वहीं सुकमा पुलिस अपनी अलग-अलग भूमिकाओं में बस्तरहित में कार्य कर रही है। कभी एक वीर योद्धा के रूप में नक्सलियों से लोहा लेते हुए, कभी कहीं गरीब आदिवासियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने हर संभव प्रयास करते, कहीं बाढ़ में फंसे बुजुर्ग व बच्चों को सुरक्षित उनके ठिकानों तक पहुँचाते हुए तो, कहीं मुख्य धारा से भटके युवकों को जो नक्सलवाद में शामिल हैं, उन्हे मुख्यधारा में जोड़ने अपील करते हुए।

अपने ध्येय वाक्य परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम को चरितार्थ करते सुकमा पुलिस के जवान, दिन रात एक कर रहे हैं। आदिवासी बहुल क्षेत्र के पुरूष, महिलाओं व बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकमा पुलिस निरंतर प्रयासरत् रही है व यथासंभव सहयोग कर क्षेत्र में शांति स्थापित करने का प्रयास कर रही है।

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